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डेल स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में दिया ऐसे नियम का सुझाव, बल्लेबाजों को मिलेगा लाभ

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 600 विकेट हासिल कर चुके हैं डेल स्टेन

टेस्ट क्रिकेट खेल का एक ऐसा प्रारूप है जो हमेशा इस बहस के केंद्र में रहा है कि दर्शकों की इसमें रुचि है या नहीं। बेशक, बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच खेल के संतुलन को सुधारने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। लेकिन, फिर भी टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता का स्तर लिमिटेड ओवर्स की अपेक्षा काफी कम है। इसी के बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व स्टार प्लेयर डेल स्टेन ने एक बेहद ही दिलचस्प सुझाव दिया है।

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आज के इस लेख में, हम एक नज़र डालते हैं कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का टेस्ट क्रिकेट में फ्री हिट के बारे में क्या कहना है।

टेस्ट क्रिकेट में है सुधार की आवश्यकता

टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। हालांकि, इसकी लोकप्रियता और मार्केटिंग को लेकर समय-समय पर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। इसलिए, दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नियमों में बदलाव करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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टेस्ट क्रिकेट में हो फ्री हिट: डेल स्टेन

फ्री हिट एक ऐसी गेंद होती है जिसमें बल्लेबाज तभी आउट हो सकता है जब वह क्रीज से बाहर हो। यानी कि या तो स्टम्पिंग या फिर रन आउट इसके अलावा किसी अन्य तरीके से बल्लेबाज आउट नही होता है। फिलहाल यह नियम सिर्फ वनडे और टी20 फॉर्मेट में ही मौजूद है। हालांकि, डेल स्टेन ने इस बात पर बात की है कि क्या इसे टेस्ट क्रिकेट में भी शामिल किया जा सकता है।

स्टेन के पास अपने प्रस्ताव का समर्थन करने का एक दिलचस्प कारण था। उन्होंने कहा कि फ्री-हिट से टेल-एंडर्स को गेंदबाजों के खिलाफ बेहतर तरीके से बल्लेबाजी करने में मदद मिलेगी। आमतौर पर, तेज गेंदबाज टेल-एंडर्स के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए के लिए अधिक उछाल के लिए खुद को स्ट्रेच करते हैं। जिस कारण कई बार उनका पैर क्रीज से बाहर निकल जाता है।

यही कारण है कि, डेल स्टेन को लगता है कि फ्री-हिट ऑन ऑफर चीजों को बदल सकता है। कुछ गेंदबाज बाउंसर से बच सकते हैं अगर नो-बॉल होती है, तो टेल-एंडर स्लॉग के लिए जा सकता है।

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यह भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के इस नियम में चाहते हैं बदलाव।

डेल स्टेन ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, “टेस्ट क्रिकेट में नो बॉल’ के लिये फ्री हिट हो, इस पर आप क्या सोचते हैं? इससे निश्चित रूप से गेंदबाजों को (बल्लेबाजी करते हुए) उन सात-आठ गेंद तक हुए और कभी कभी नौ गेंद के ओवर में बचे रहने में मदद मिलेगी। स्टेन ने यह भी कहा कि, पुछल्ले बल्लेबाजों के लिये टॉप क्लास तेज गेंदबाजों की छह गेंदों का सामना करना भी काफी होता है।”

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